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धरती पर परमात्मा का अवतरण तब होता है जब मनुष्यो में आसुरी प्रवृत्ति समाहित होती: आस्था दीदी


मुलताई।ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भगवत गीता ज्ञान प्रवचन के 6 वें दिन योग शक्ति आस्था दीदी ने बताया कि परमात्मा का अवतरण किन घड़ियों में हुआ जिसके लिए श्रीमद् भागवत गीता में कहां जब इस सृष्टि पर अती धर्म-ग्लानि का समय होता है,जब घर-घर में हर मनुष्य रावण,कुंभकरण,कंस जरासंध अकासुर और बकासुर जैसे आसुरी वृत्तियों वाला हो जाता है पापाचार, दुराचार, अनाचार,भ्रष्टाचार,अती जनसंख्या हो जाती है इसलिए कहा गया जब जब धर्म की ग्लानि होती है तब तब अधर्म का नाश और सत्य धर्म स्थापित करने परमात्मा इस सृष्टि के प्रथम पुरुष जिन्हें कर्तव्य वाचक नाम प्रजापिता ब्रह्मा दिया गया उनके माध्यम से वे अपने दिव्य कर्तव्य को पूरा करते हैं। परमात्मा 5000 वर्ष में एक ही बार अवतरित होते हैं बाकी परमात्मा सरव्यापक नहीं है और ये कल्प की 5000 वर्ष में पुनरावृति होती हैं इसलिए युगे युगे नहीं कल्प कल्प के संगमयुग में परमात्मा अवतरित होते हैं। और आकर सत्य धर्म स्थापित करते हैं जिसमें नार को श्री नारायण और नारी को श्री लक्ष्मी बनने का लक्ष्य देते हैं। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई जिसमें माहेश्वरी पवार पटेल संघ प्रदेशाध्यक्ष,वर्षा गढ़ेकर,नगर अध्यक्ष,शिल्पा शर्मा,पार्षद बी.के मालती,स्थानीय संचालिका, बी.के लक्ष्मी द्वारा दीप प्रजलन किया गया। कार्यक्रम में नगर के सभी श्रद्धालु भक्तगण बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।

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