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स्कूल चले अभियान के तहत प्रेरक पहुंचे शाला, बच्चो को बाटी किताबें

उर्दू शिक्षक की नियुक्ति का मामला फिर गर्माया

मुलताई। नगर में बैतूल जिले का एकमात्र हिंदी उर्दू स्कूल में इस नए सत्र में कक्षा पहली में एक भी एडमिशन नहीं हुए है। पालको का कहना है कि स्कूल में पिछले कई वर्षो से उर्दू विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। ऐसे में पालक बिना शिक्षक के अपने बच्चो का हिंदी उर्दू स्कूल में दाखिला नहीं कराना चाहते। स्कूल चले अभियान के अंतर्गत दूसरे दिन बुधवार को प्रेरक हाजी शमीम खान और जाफर पटेल स्कूल पहुंचे थे। जहा उन्होंने स्कूली बच्चों को किताबो का वितरण भी किया। जिसके बाद स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष अजीजुर्रहमान
खान, पालक साजेदा बेगम, शाहिदा बी, शकीला आदि में स्कूल में उर्दू शिक्षक नहीं होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया की 2017 के बाद से स्कूल में स्थाई तौर पर उर्दू शिक्षक नहीं है। पालकों की मांग और दो वर्षो के लिए एक शिक्षक को अटैच किया गया था। वहीं पिछले सत्र में भी पालकों ने जमकर हंगामा किया था, जिसके बाद आनन फानन में अस्थाई शिक्षक की व्यवस्था की गई थी। पालकों की बात सुनकर तत्काल ही बीईओ कार्यालय पहुंचे और उनसे चर्चा की गई। वहीं विधायक से भी फोन पर इस संबध में चर्चा हुई। उन्होंने जल्द से जल्द उर्दू शिक्षक की नियुक्ति के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। वहीं जाफर पटेल द्वारा स्कूली बच्चों को कपड़े खरीदने के लिए आर्थिक मदद भी दी गई। इस अवसर पर स्कूल की प्रभारी प्रधान पाठिका वर्षा खेरे, शिक्षक दिनेश नागले, पुष्पा रघुवंशी, सोहलत जहां सहित स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

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