LPG और PNG, केंद्र सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
LPG और PNG, केंद्र सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
देश में गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच एक सकारात्मक पहल देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6,000 ऐसे उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जो पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल कर रहे थे। सरकार ने इस कदम की सराहना करते हुए अन्य PNG उपभोक्ताओं से भी स्वेच्छा से LPG कनेक्शन छोड़ने की अपील की है।
सरकार की विशेष अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 28 मार्च तक 6,000 नागरिकों ने अपने LPG कनेक्शन छोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, “यह कदम उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जिनके पास अभी PNG की सुविधा नहीं है। हम उन नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस साहसी समूह का हिस्सा बनें और आज ही अपना अतिरिक्त LPG कनेक्शन सरेंडर करें।”
गैस सप्लाई और प्राथमिकता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को अपनी सप्लाई प्राथमिकता में रखा है। सरकार के अनुसार…
PNG और CNG: घरों और वाहनों के लिए निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
इंडस्ट्रियल सेक्टर: औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहकों को उनकी औसत खपत का लगभग 80% हिस्सा प्रदान किया जा रहा है।
फर्टिलाइजर प्लांट्स: इन्हें 70-75% क्षमता पर गैस सप्लाई दी जा रही है और अतिरिक्त LNG कार्गो का भी प्रबंध किया जा रहा है।
तेजी से बढ़ रहा PNG नेटवर्क
सरकार ने देश में गैस नेटवर्क के विस्तार को गति देने के लिए प्रक्रियाओं को काफी सरल बना दिया है। इसका असर यह है कि मार्च महीने में ही 2,90,000 से अधिक नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन और गैस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।
