इस्लामाबाद में टूटी अमेरिका-ईरान की आस, 21 घंटे की मैराथन बैठक के बाद खाली हाथ लौटे जेडी वेंस

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इस्लामाबाद में टूटी अमेरिका-ईरान की आस, 21 घंटे की मैराथन बैठक के बाद खाली हाथ लौटे जेडी वेंस
पाकिस्तान में शांति वार्ता (US Iran Peace Talks in Pakistan) विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी का ऐलान किया है, जिससे इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक बयान आया है, जिसमें वो नरमी की बात करते दिख रहे हैं.

वो हमारी दिशा में आगे बढ़ें- जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज चैनल के “स्पेशल रिपोर्ट” कार्यक्रम में एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ईरान से परमाणु सामग्री को हटाने के अलावा भविष्य में यूरेनियम संवर्धन को रोकने के लिए एक तंत्र बनाने पर इस्लामाबाद वार्ता में कुछ प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के जोर देने पर इसमें कुछ सहमति बनी है और अमेरिका चाहता है कि वो हमारी दिशा में आगे बढ़ें.

ट्रंप कब खुश होंगे, जेडी वेंस ने क्या बताया
जेडी वेंस ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि ईरानी वार्ताकार समझौता करने में असमर्थ थे और उन्हें तेहरान में अन्य लोगों से मंजूरी लेने की आवश्यकता थी. वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिकी वार्ताकारों ने स्पष्ट किया कि ट्रंप बहुत खुश होंगे अगर ईरान को एक सामान्य देश की तरह ही माना जाए और अगर उनकी अर्थव्यवस्था सामान्य हो. हालांकि इस बारे में जेडी वेंस ने विस्तार से नहीं बताया कि ये कहने के पीछे उनका क्या मतलब था.

अमेरिका ने की ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी
इंटरव्यू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुझे लगता है कि यहां बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है. साथ ही कहा कि मुझे लगता है कि अगला कदम ईरानियों को ही उठाना होगा. जेडी वेंस का कहना है कि ईरानियों ने परमाणु मुद्दों पर बातचीत में कुछ प्रगति की है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सोमवार से शुरू हुई ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. ट्रंप के इस बयान ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.

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