बैतूल: नगर निगम में शामिल करने का विरोध: जैतापुर के ग्रामीण बोले— हमारी ग्राम पंचायत यथावत रखी जाए

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बैतूल। नगर पालिका बैतूल को नगर निगम बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को भी इसमें शामिल किए जाने की चर्चा के बीच शुक्रवार को जैतापुर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने पुरजोर तरीके से अपना विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी ग्राम पंचायत को नगर निगम में शामिल न किया जाए। इससे संबंधित एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा गया।

सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, जिससे ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नगर निगम बनाने के नियमानुसार ग्राम पंचायत जैतापुर की पूर्व ग्राम पंचायत सोहागपुर आती है, लेकिन उसे शामिल नहीं किया गया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि धनाढ्य लोगों को छोड़कर गरीब और आदिवासी गांवों को जोड़ा गया है, जो भेदभावपूर्ण है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आय ग्राम पंचायत पर निर्भर है। वे कृषि कार्य के साथ-साथ समय-समय पर ग्राम पंचायत में मजदूरी का कार्य भी करते हैं, जिससे उनका जीवन-यापन होता है। नगर निगम में शामिल होने से उनके रोजगार पर संकट आएगा और साथ ही नगर निगम के करों का अतिरिक्त बोझ भी उन पर पड़ेगा, जिससे जीवन-यापन करना और अधिक कठिन हो जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ उन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर ही मिल जाता है। नगर निगम में शामिल होने के बाद इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें लगभग 22 किलोमीटर दूर नगर निगम कार्यालय जाना पड़ेगा। आवागमन में लगने वाले समय और खर्च से उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी तथा उनका भविष्य प्रभावित होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान रामकली सरियाम (पंच), सया बाई, सुमलती अहाके, पुष्पा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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