रातों-रात जंगल पर कब्जे की कोशिश, ट्रैक्टर से जोत डाली वन भूमि; वन विभाग पर उठे सवाल
खेड़ी सांवलीगढ़। रात के अंधेरे में जंगल पर अतिक्रमणकारी कब्जा करने में पीछे नहीं हैं, लेकिन इस मामले ने जंगल की सुरक्षा करने वालों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अतिक्रमणकारियों ने बड़े इलाके में ट्रैक्टर से वन भूमि पर जुताई कर ली है। अब इस जमीन पर बुवाई की तैयारी की जा रही है। यह मामला दक्षिण वन मंडल के ताप्ती वन परिक्षेत्र की सेलुढाना बीट का सामने आया है। यहां वन भूमि पर कब्जे की कोशिश ने वन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रभुढाना के पास नदी किनारे बड़े पैमाने पर वन भूमि पर अज्ञात लोगों ने रातों-रात ट्रैक्टर चलाकर खेत तैयार कर दिया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जंगल के भीतर इतनी बड़ी कार्रवाई होती रही और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी?
जंगल की भूमि को बना दिया खेत
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण की नीयत से वन भूमि को ट्रैक्टर से जोता गया, जिससे सागौन के कोमल पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दावा किया कि अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
ताप्ती वन परिक्षेत्र के रेंजर दयानंद डेहरिया ने अतिक्रमण के प्रयास की पुष्टि करते हुए बताया कि वन भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश की जांच की जा रही है। संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है और क्षेत्र में फेंसिंग कर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। वन विभाग का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने वन भूमि की निगरानी व्यवस्था और जंगलों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वन भूमि पर स्थायी कब्जे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जब इस संबंध में दक्षिण वन मंडल के डीएफओ अरिहंत गोचर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी। यदि वन भूमि पर अतिक्रमण या अवैध रूप से खेती की तैयारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
