महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई में एक मां की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए आयोजित मैराथन में नंगे पांव दौड़ लगाई और पहला स्थान हासिल किया। जीत के बाद उन्हें 3 हजार रुपये का पुरस्कार मिला, जिसे वह अपनी बेटियों की शिक्षा पर खर्च करेंगी।
पति के निधन के बाद रमाबाई ने दोनों बेटियों की जिम्मेदारी संभाली और परिवार का खर्च चलाने के लिए खाना बनाने का काम कर रही हैं। उनकी एक बेटी बीएससी की पढ़ाई कर रही है, जबकि दूसरी बेटी पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटी है। बिना किसी विशेष तैयारी के मैराथन जीतने वाली रमाबाई की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया और सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर सराहना हो रही है।