शिवराज ने ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’ नारे पर उठाया सवाल
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर चर्चित नारे ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’ का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाज से गंभीर आत्ममंथन करने की अपील की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि बेटियों को पुरुषों के प्रति अविश्वास जताने वाला नारा लिखना पड़ रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटियों, बहनों और माताओं का सम्मान करना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने वाले लोग अनजान नहीं, बल्कि उनके परिचित या आसपास के लोग ही होते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए समाज को अपनी सोच और व्यवहार पर गंभीरता से विचार करना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने पुरुषों, बेटों और उनके माता-पिता से भी आत्ममंथन की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षित वातावरण बना रहे। शिवराज ने कहा कि अगर बेटियां और महिलाएं पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी, तो समाज और देश आगे कैसे बढ़ेगा? उन्होंने महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
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