संभल में अनोखी अंतिम यात्रा, अर्थी के आगे चले पालतू हाथी; 1500 लोगों का काफिला
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के ब्यौरा गांव में 74 वर्षीय रामबेटी देवी की अंतिम यात्रा ने लोगों का ध्यान खींच लिया। बुधवार को गांव से राजघाट गंगा घाट तक करीब 15 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा निकाली गई। इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि रामबेटी देवी की अर्थी से आगे उनके पालतू हाथी मोहन और परमा चलते नजर आए।
अर्थी के पीछे भगवान शिव और भगवान कृष्ण की झांकियां थीं, जबकि सैकड़ों ट्रैक्टरों का लंबा काफिला भी यात्रा में शामिल रहा। बताया गया कि 12 गांवों से करीब 1500 लोग इस अंतिम यात्रा में पहुंचे। रास्ते में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण इस अनोखे नजारे को देखने के लिए जमा हुए।
परिवार के मुताबिक, रामबेटी देवी का दोनों हाथियों से बेहद गहरा लगाव था। वर्ष 2012 में पति के निधन के बाद उन्होंने मोहन और परमा की देखभाल बच्चों की तरह की। दोनों हाथी परिवार के सदस्यों की तरह रहते थे और रामबेटी देवी से उनका खास लगाव था। इसी भावनात्मक रिश्ते के चलते बेटों मनवीर और चरन सिंह ने मां की अंतिम विदाई में दोनों हाथियों को भी शामिल किया। अंतिम यात्रा के वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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