आंध्र प्रदेश पर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का खतरा, तटीय इलाकों में हाई अलर्ट
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। 28 अक्टूबर को तूफान के तट से टकराने की आशंका के बीच राज्य के तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बढ़ गया है। कई तटीय क्षेत्रों में समुद्र की लहरें बस्तियों के नजदीक तक पहुंच रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। काकीनाडा जिले के उप्पाडा, कोनापापेट और मूलापेट सहित आसपास के इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब बताई गई है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, अब तक 1,351 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से अस्पतालों में पहुंचाया गया है। इसके अलावा, 20 जिलों में 2,131 चक्रवात राहत केंद्र तैयार रखे गए हैं।
आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और राष्ट्रीय व राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों को तैनात किया गया है। समुद्र में मौजूद 30 हजार से अधिक मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी सुरक्षित किया गया है। रेलवे ने करीब 600 किलोमीटर रेल मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है, जबकि तूफान के प्रभाव के कारण विजयवाड़ा से चेन्नई और बेंगलुरु जाने वाली दो इंडिगो उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों से घरों के अंदर रहने, समुद्र और नदियों के पास नहीं जाने तथा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल, तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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