बुधनी में आदिवासियों के घरों पर चला बुलडोजर, अपनी ही सरकार पर भड़के शिवराज सिंह चौहान!
मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। गांव में बरेला आदिवासी समुदाय के 12 मकान तोड़े जाने की खबर सामने आने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे। शिवराज को देखते ही कई महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं और अपनी आपबीती सुनाई।
परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उनके घरों के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंचाया गया और एक कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। पीड़ितों का दर्द सुनकर शिवराज सिंह चौहान अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार के तहत हुई इस कार्रवाई पर भड़क उठे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में अन्याय और अत्याचार की हद पार हो गई है।
शिवराज ने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को फोन लगाया और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनके मकान दोबारा बनवाए जाएंगे और तब तक भोजन एवं अस्थायी आवास की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने उठाने की बात भी कही।
वहीं, वन विभाग का दावा है कि वर्ष 2021 में लगाए गए सरकारी पौधारोपण को नष्ट कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। विभाग के अनुसार, वन अपराध के प्रकरण दर्ज करने और नोटिस जारी करने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार के भीतर चल रही खींचतान का खामियाजा गरीब आदिवासी परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
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